
सारांश – आरटीआई का हो रहा है दुरुपयोग अधिकारियों को ब्लैकमेल कर बना अवैध उगाही का जरिया, बलरामपुर जिले में सामने आया एक मामला जहां RTI लगाकर पहले मांगी जारी फिर व्हाट्सएप में फोन कर मांगा पैसा। अधिकारी से पैसे मांगने के लिए इस गिरोह ने upi बार कोड भेज पैसे डालने की कही बात।





आपको बता दें कि जब हमने पूजा राय से बात की तो उसने अपना नाम पूजा सिंह बताया और खुद को रायपुर के नवागढ़ का निवासी होना बताया जब इस संबंध में हमने रायपुर के लोकल व्यक्ति से जानकारी ली तो उसने बताया कि रायपुर में नवागढ़ नाम की कोई जगह ही नहीं है जो महिला खुद को पूजा सिंह बता रही थी वह ठीक से हिंदी तक नहीं बोल पा रही थी उसके बात करने के लहजे से साफ तौर पर हिंदी और बंगाली की झलक आ रही थी ऐसे लोग जो किसी भी तरह से वास्तविकता में नहीं है ना तो पत्रकार ही है और ना ही आरटीआई के विशेषज्ञ है ऐसे लोग पत्रकारों और आरटीआई विशेषज्ञों दोनों की छवि को धूमिल कर रहे हैं। अर्जुन खराती खुद को वाड्रफनगर के झिरमिटी का रहने वाला बताता है। पूजा राय और अर्जुन जैसे लोग समाज के लिए एक धब्बा हैं जिनके द्वारा अक्सर अधिकारियों के पास RTI लगाकर केवल पैसे की मांग की जाती है।

इन लोगों के द्वारा RTI लगाने के बाद फोन पे/गूगल पे का बार कोड भेज कर पैसों की मांग की जाती है। अर्जुन जिसे wadrafnagar लिखना तक नहीं आता जिसने ward of nagar लिखा हो उसके बारे में आप समझ सकते हैं कि वह दसवीं फेल कितना बड़ा चोर होगा।











