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विद्यालय से नदारद प्रधान पाठक ! ग्रामीणों और विद्यार्थियों का आरोप – सत्र शुरू होने के बाद सिर्फ दो दिन पहुंचे स्कूल, डीईओ ने जांच के दिए निर्देश, जांच के बाद नोटिस की तैयारी

एक शिक्षक के भरोसे चल रहा विद्यालय, बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा असर

छत्तीसगढ़-बलरामपुर || वाड्रफनगर || आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड के संकुल केंद्र मुरलीगंज अंतर्गत आनें वाला प्राथमिक शाला ढोलपखना – ‘ब’ में पदस्थ प्रधान पाठक बिल्हा चंद पटवर्धन पर नियमित रूप से विद्यालय नहीं आनें के आरोप लगे हैंजहां वहां के स्थानीय लोग एवं विद्यार्थियों का कहना है कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होनें के बाद से अब तक प्राथमिक शाला ढोलपखना – ब के प्रधान पाठक बिल्हा चंद पटवर्धन विद्यालय सत्र शुरू होनें के बाद केवल दो दिन ही विद्यालय आये हैं।जहां उनकी कथित अनुपस्थिति के कारण विद्यालय का संचालन प्रभावित हो रहा है और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी इसका बहुत बुरा असर पड़ रहा है। जहां विद्यालय में पदस्थ शिक्षकों के अनुसार प्रधान पाठक के नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहनें के कारण पूरे विद्यालय के संचालन की जिम्मेदारी एक शिक्षक पर आ गई है। वहीं शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यों का भी अतिरिक्त भार होनें से विद्यालय की व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। जहां विद्यार्थियों ने यह भी बताया कि विकासखंड वाड्रफनगर के प्राथमिक शाला ढोलपखना – ‘ब’ के प्रधान पाठक बिल्हा चंद पटवर्धन अधिकांश दिनों में भी विद्यालय नहीं आते हैं।जहां इस संबंध में हमारी सी एक्सप्रेस न्यूज़ मीडिया की टीम जब बलरामपुर जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव से बात की गई तो उन्होंने कहा, “मुझे अभी आपके माध्यम से इस मामलें की जानकारी प्राप्त हुई है। पूरें मामलें की जांच कराई जाएगी और जांच के बाद संबंधित प्रधान पाठक को नोटिस जारी करते हुए नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।”जहां बलरामपुर जिला शिक्षा अधिकारी मनी राम यादव के इस बयान से विभागीय के निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जहां शैक्षणिक सत्र शुरू हुए काफी समय बीत जानें के बावजूद यदि विद्यालय में प्रधान पाठक की कथित अनुपस्थिति की जानकारी उच्च अधिकारी तक नहीं पहुंची, तो यह निरीक्षण और मॉनिटरिंग व्यवस्था की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लगाता है।जहां फिलहाल पूरें मामलें में विभागीय जांच जारी है। जहां अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जांच में क्या तथ्य सामनें आते हैं और यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो शिक्षा विभाग प्राथमिक शाला ढोलपखना-बी के प्रधान पाठक बिल्हा चंद पटवर्धन विरुद्ध शिक्षा विभाग दोषी पर कोई ठोस कार्यवाही करता भी है या मामला केवल जांच तक ही सीमित रह जाएगा या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों तक ही सिमटकर रह जाता है।

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