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बलरामपुर जिला कांग्रेस कार्यालय “राजीव भवन” में कांग्रेस कार्यकर्ताओं नें मनाया डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब को किया नमन:

प्रधान संपादक दीपक जायसवाल की क़लम से —

छत्तीसगढ़-बलरामपुर || आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के “राजीव भवन” कांग्रेस कार्यालय में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती गरिमापूर्ण ढंग से मनाई गई। इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब के विचारों पर चलनें का संकल्प लिया।जहां बलरामपुर जिला कांग्रेस कार्यालय ‘राजीव भवन’ में आयोजित इस कार्यक्रम में भारतीय संविधान के शिल्पकार डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को याद किया गया। जहां यह कार्यक्रम जिला कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार आयोजित किया गया।जिसकी अध्यक्षता ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बलरामपुर के अध्यक्ष समीर सिंह देव ने की।जहां इस कार्यक्रम की शुरुआत में उपस्थित जनों ने डॉ. अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन: किया गया। वहीं इस कार्यक्रम का संचालन सेवादल के कार्यकारिणी प्रदेश अध्यक्ष प्रेमसागर सिंह ने किया।जहां इस अवसर पर आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने बाबा साहेब के जीवन, उनके संघर्ष और सामाजिक न्याय के लिए किए गए योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।

जहां उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने वंचित एवं पिछड़े वर्गों को अधिकार दिलाने के लिए जीवनभर संघर्ष किया और भारतीय संविधान के माध्यम से समानता, स्वतंत्रता और न्याय के सिद्धांत स्थापित किए।

वक्ताओं ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में बाबा साहेब के विचार और अधिक प्रासंगिक हो गए हैं।

जहां समाज में समरसता और समानता स्थापित करनें के लिए उनके बताए मार्ग पर चलना आवश्यक है। इस अवसर पर सभी उपस्थित लोगों ने उनके आदर्शों को अपनानें का संकल्प लिया।

जहां इस कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। वहीं इनमें जिला उपाध्यक्ष रिपोजित सिंह देव, छोटू बंगाली (प्रशांत विश्वास), ब्लॉक उपाध्यक्ष जसीम अंसारी सारंगपुर, जिला कोषाध्यक्ष सुनील कुमार गुप्ता सहित कई जिले के कांग्रेस कार्यकर्ताओं सहित पदाधिकारी शामिल रहे।

अंत में यह आयोजन केवल डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के जयंती तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक जागरूकता और एकता का संदेश देनें का माध्यम भी बना। जहां इस कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बाबा साहेब के विचारों को अपनाकर ही एक समतामूलक और सशक्त समाज का निर्माण संभव है।

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