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सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे पर प्रशासन की बड़ी कार्यवाही, 30 डिसमिल शासकीय भूमि को कराई गई अतिक्रमण कब्जा मुक्त

धान की फसल लगाकर किया गया था अवैध कब्जा, जहां ग्राम पंचायत को सौंपी गई अवैध कब्जे की भूमि।

छत्तीसगढ़ || बलरामपुर-रामानुजगंज || आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन लगातार सख्त कार्यवाही कर रहा है। जहां बलरामपुर कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी जी के निर्देशन में चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओं अभियान के तहत बुधवार को विकासखंड बलरामपुर के ग्राम पंचायत आमडंडा में लगभग 30 डिसमिल शासकीय भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया। जहां इस कार्यवाही के दौरान राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर नियमानुसार अतिक्रमण हटाया और भूमि को पुनः शासन के कब्जे में लेकर ग्राम पंचायत को सौंप दिया।जहां प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत आमडंडा में एक निजी व्यक्ति द्वारा लगभग 30 डिसमिल शासकीय भूमि पर धान की फसल लगाकर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया था। इसकी जानकारी प्रशासन को मिलने के बाद मामले की जांच कराई गई।जांच में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे की पुष्टि होनें पर तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
जहां बलरामपुर SDM अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अभिषेक गुप्ता जी के मार्गदर्शन में राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक राजस्व प्रक्रिया पूरी करते हुए अतिक्रमण हटानें की कार्यवाही की गई।

जहां इस कार्यवाही के दौरान शासकीय भूमि को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराकर विधिवत ग्राम पंचायत आमडंडा के सरपंच को सुपुर्द कर दिया गया, ताकि भूमि का उपयोग सार्वजनिक हित एवं शासकीय कार्यों के लिए किया जा सके।

वहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में शासकीय भूमि की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी व्यक्ति द्वारा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करनें या अतिक्रमण करने की स्थिति में नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

जहां साथ ही सभी राजस्व अधिकारियों को ऐसे मामलों पर सतत निगरानी रखनें और शिकायत मिलतें ही त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करनें के निर्देश दिए गए हैं।वहीं बलरामपुर जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में शासकीय भूमि पर किसी प्रकार का अवैध कब्जा या अतिक्रमण दिखाई देता है, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित राजस्व अधिकारी या प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्यवाही कर सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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