छत्तीसगढ़-बलरामपुर ||आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर जिले के नकटी ग्राम पंचायत में हुई बुलडोजर कार्यवाही को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। ग्राम पंचायत में कथित रूप से बड़ी संख्या में मकानों पर बुलडोजर चलाए जाने के बाद विपक्ष ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जहां इस मामले को लेकर कांग्रेस लगातार भाजपा सरकार पर हमला बोल रही है और प्रभावित परिवारों के लिए राहत, मुआवजा तथा पुनर्वास की मांग कर रही है।जानकारी के अनुसार, नकटी ग्राम पंचायत में प्रशासन द्वारा बुलडोजर कार्रवाई की गई, जिससे कई परिवार प्रभावित हुए। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश का माहौल देखा गया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि बरसात के मौसम में की गई इस कार्यवाही से कई परिवारों के सिर से छत छिन गई और उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस ने इस कार्यवाही को अमानवीय बताते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।इसी मुद्दे को लेकर प्रदेश के विभिन्न जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध-प्रदर्शन किए जा रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देनें की मांग उठाई गई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
वहीं, प्रशासन का कहना है कि कार्यवाही नियमानुसार और निर्धारित प्रक्रिया के तहत की गई है। हालांकि, मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और प्रशासन तथा विपक्ष के दावों के बीच यह मुद्दा प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।जहां आज रायपुर जिला के नकटी ग्राम पंचायत में 85 घरों पर बुलडोजर चलाए जानें की कार्यवाही के विरोध में आज जिला कांग्रेस कमेटी बलरामपुर ने जिला मुख्यालय बलरामपुर में जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पुतला दहन किया।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच पुतला छीननें को लेकर हल्की धक्का-मुक्की भी देखनें को मिली।जहां बलरामपुर जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष हरिहर प्रसाद यादव के नेतृत्व एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बलरामपुर के ब्लाॅक अध्यक्ष समीर सिंह देव के आयोजन में हुए इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। जहां कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नकटी ग्राम में बरसात के दौरान रात के समय 85 परिवारों के घरों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें तोड़ा गया, जिससे प्रभावित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह कार्यवाही गरीब और आदिवासी परिवारों के साथ अन्याय है। उनका आरोप है कि बिना मानवीय पहलुओं का ध्यान रखे की गई इस कार्यवाही से कई परिवारों का आशियाना उजड़ गया।विरोध प्रदर्शनकारियों ने सरकार से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत, उचित मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की।
चांदो चौक में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पुतला दहन करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
जहां इस दौरान पुलिस ने पुतला दहन रोकनें का भी प्रयास किया, जिससे कुछ देर के लिए पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हल्की झड़प की स्थिति बनी रही। हालांकि बाद में कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
वहीं कांग्रेस नेताओं ने बताया कि यह आंदोलन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर आयोजित किया गया। जहां उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नकटी ग्राम पंचायत के प्रभावित परिवारों को न्याय नहीं मिला और सरकार ने राहत एवं पुनर्वास की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए, तो कांग्रेस आनें वाले दिनों में आंदोलन को और तेज करेगी।जहां इस विरोध प्रदर्शन के कार्यक्रम में उपस्थित कांग्रेस के कार्यकर्ता व पदाधिकारी बलरामपुर जिला कांग्रेस कमेटी के बलरामपुर जिलाध्यक्ष हरिहर प्रसाद यादव, कांग्रेस कमेटी के ब्लाॅक अध्यक्ष समीर सिंह देव, कांग्रेस कमेटी बलरामपुर के जिला उपाध्यक्ष प्रशांत विश्वास (छोटू बंगाली), बलरामपुर जिला कोषाध्यक्ष सुनील गुप्ता, रिपुजित सिंह देव, अमित यादव, रामदेव जगते (कांग्रेस प्रदेश सचिव), देवनारायण मरावी, संजीव गुप्ता, बुद्धदेव पोया, नवीन गुप्ता, शौकत अली, महमूद अंसारी, इंतखाब अंसारी, नीरज गुप्ता, लालसाय मिंज, अरुणदास, जयराम सिंह, राजेश गुप्ता, कीर्तन गुप्ता, सुनील मिंज, गौरीशंकर, असीम, राहुल, सुजीत, अर्जुन सोनवानी, पिल्लू दास, वसीम, कृपाशंकर, संतोष यादव, मुन्ना गुप्ता, फेकू पाल, मुमताज खान, वसीम अंसारी, बृंदा यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।